Friday, July 31, 2009

मेरा बर्थ-डे कब आएगा?











मेरे भाई सोनू का बर्थ-डे 22 अक्टूबर को पड़ता है। अभी अक्टूबर आने में बहुत समय है, लेकिन जब देखो वह मेरा बर्थ-डे कब आएगा, की रट लगाए रहता है। मैंने पूछा कि बार-बार बर्थ-डे की बात क्यों करता है, तो वह कहता है कि बर्थ-डे की फोटो को ब्लाग में डालना है। मैंने कहा भाई तेरे पुराने बर्थ-डे की फोटो को ही डाल देते हैं, चल खुश हो जा। ये सोनू के चार साल पूरे होने के फोटोग्राफ हैं।

Thursday, July 30, 2009

अब कहां खेले हम







हमारे घर के लगा हुआ गार्डन है, जहां पर जाकर मैं और मेरा भाई सोनू और हमारे मित्र सब खूब खेलते हैं। बारिश की वजह से गार्डन में पानी-पानी हो गया है। ऐसे में हम लोग सोच रहे हैं कि अब हम लोग कहां खेलें। गार्डन की ये सारी तस्वीरे मैंने पापा के कैमरे से खींची हैं।

Sunday, July 26, 2009

सोनू का सावन झूला


सोनू के साथ मेरे को भी झूला झूलने का बहुत शौक है। हमारे घर के पास में ही गार्डन है। हम लोग वहां पर जाकर दिन भर मस्ती करते हैं। खासकर संडे के दिन तो हमारे मजे रहते हैं। सोनू तो झूले का इतना दीवाना है कि कहीं भी झूला झूलने लगता है। हम लोग घर की छत पर गए तो नल के पाइप को ही झूला बनाकर झूलने लग गया ये बंदर।

Friday, July 24, 2009

सोनू की जुल्फ लहराई तो सावन को पसीना आ गया

कल शाम को जब मौसम सुहाना था तो मैं अपने भाई सोनू को लेकर छत पर चली गई और पापा के कैमरे से उसके दनादन फोटो खींच डाले। इन फोटो में से ही दो फोटो का चयन करके पापा ब्लाग में डाल रहे हैं। ये फोटो मैंने खींचे हैं। कैसे हैं? जरूर बताएं

Thursday, July 23, 2009

कृष्ण-कन्हैया या सोनू बाबा




मेरे भाई सोनू को जब स्कूल की फेंसी ड्रेस के लिए कृष्ण-कन्हैया बनाया गया तो पहले तो वह बहुत खुश हुआ लेकिन बाद में वह स्कूल गया ही नहीं और घर में ही खेलता रहा। अगर वह स्कूल जाता तो जैसे मैं अपने स्कूल में मिस इंडिया बनी, वह भी जरूर सबका कृष्ण-कन्हैया बन जाता। पर अपना बंदर बंदरपना दिखाने से कहां बाज आने वाला था।

Saturday, July 18, 2009

किंग खान की एक अदा


ये जनाब कौन है इनको आप पहचानते हैं क्या? बिलकुल ठीक पहचाना ये अपने किंग खान यानी शाहरूख खान ही हैं। अगर किंग खान लड़की होते तो जरूर ऐसे ही लगते।

Friday, July 17, 2009

चल भाई तू ही खेल ले पहले गेम




सोनू सच में बंदर ही है। जब भी मैं कम्प्यूटर पर गेम खेलने के लिए बैठती हूं आ जाता है दौड़कर कम्प्यूटर लेने के लिए। अगर नहीं दो तो जाकर मम्मी-पापा के पास रोने लगता है। ऐसे में मुझे बोलना ही पड़ता है चल भाई तू ही खेल ले पहले गेम।

Thursday, July 16, 2009

रेत से निकला लड्डू


मैं यानी स्वप्निल राज ग्वालानी जिसे सब प्यार से रानी कहते हैं और मेरा भाई सागर राज ग्वालानी जिसे हम सब प्यार से सोनू कहते हैं। हम दोनों को रेत पर मस्ती करते देखने की कल्पना को साकार करने का काम किया है हमारी प्यारी-प्यारी मम्मी श्रीमती अनिता ग्वालानी ने। मेरे हाथ में जो भी चीच है, वह एक लड्डू की तरह लग रही है। वैसे यह क्या चीज है मैं बताने वाली नहीं हूं। मैं इसके बारे में बाद में बताऊंगी, पहले मैं आप लोगों से जानना चाहती हूं कि ये क्या है?

Wednesday, July 15, 2009

सोनू की अदा-सबसे जुदा








ये है मेरा छोटा भाई सोनू

जिसकी अदा सबसे जुदा

जो भी देखे हो जाए फिदा

Saturday, July 11, 2009

स्कूल में मेरा कैट वाक

मैं जब स्कूल में क्लास थर्ड में थी तो स्कूल में एक कार्यक्रम में मैंने कैट वाक किया था। तब ये तस्वीर मेरे पापा ने खींची थी.

Thursday, July 9, 2009

पेश है चूहा बर्गर

अपने अभिषेक अंकल की पत्नी यानी अपनी एश्वर्या आंटी ने एक नए किस्म का बर्गर लांच किया है, ये बर्गर है चूहा बर्गर। फिलहाल इस बर्गर की मांग भारत में तो नहीं है, क्योंकि इसके बारे में ज्यादा लोग जानते नहीं है, लेकिन अपने चीन भाई जरूर थोक के भाव में आर्डर भेज रहे हैं और इंडियन चूहों के बर्गर बड़े चाव से खा रहे हैं, अगर आपको भी पसंद है तो आप भी आर्डर कर सकते हैं।

Wednesday, July 8, 2009

आज मैं ही बना देता हूं फरा रोटी







मेरे भाई सोनू को फरा रोटी बहुत पसंद है। जब देखो स्कूल जाने के समय फरमाईश कर देता है कि मुझे तो फरा रोटी ही ले जानी है। सोनू की मैडम के साथ उसके साथ पढऩे वाले सभी मित्रों को यह पसंद है। सभी उससे मांग करके खाते हैं। एक दिन मम्मी ने कह दिया कि चल रे मेरे पास समय नहीं है बनाने के लिए। फिर क्या था, अपने सोनू भईया लेकर बैठ गए फरा रोटी का आटा कि चलो मैं गोल-गोल करके देता हूं आप बना दें। आप भी देखें सोनू बंदर को फरा रोटी बनाते हुए। फरा रोटी छत्तीसगढ़ का एक खास व्यंजन है। आप भी खाना चाहे तो सोनू बनाकर भेज सकता है। वैसे भी उसे सबको खिलाने में बड़ा मजा आता है।

Tuesday, July 7, 2009

अब बता बंदर बड़ा कौन?




मेरा छोटा भाई होशियार है तो मैं भी क्या कम हूं। जब वह सोफे में खड़े होकर अपने को बड़ा बता सकता है, तो मैं भी उसे अपने बगल में या फिर सामने खड़े करके कह सकती हूं कि अब बता बंदर बड़ा कौन?

Monday, July 6, 2009

दीदी मैं तो आपसे भी बड़ा हूं



मेरे भाई सोनू को मुझसे ज्यादा बड़ा बनने का शौक है। वह हमेशा कुछ न कुछ ऐसा करता है और कहता है कि देखो दीदी मैं तो आपसे भी बड़ा हूं। मैं नीचे खड़ी हूं और ये बंदर सोफे के ऊपर चढ़कर कहता है दीदी मैं तो आपसे भी बड़ा हूं। ठीक है, भाई तू बड़ा है तुझे छोटा कौन कहता है।

Sunday, July 5, 2009

सोनू आया नहा के .....


मेरे छोटे भाई सोनू को नहाने का बहुत शौक है। गर्मी हो या सर्दी वह बहुत कूद-कूद कर नहाता है। नहाने के समय मस्ती किए बिना वह बाज नहीं आता है।

Thursday, July 2, 2009

चल भाई स्कूल चल ....




मस्ती के दिन समाप्त हुए और अब हमारा स्कूल प्रारंभ हो गया है। एक जुलाई से ही हमने स्कूल जाना प्रारंभ कर दिया है। मैं और मेरा भाई सागर राज ग्वालानी आज स्कूल जाने लगे तब पापा ने हमारी ये तस्वीरें खींची है। भाई को रोज बोलना पड़ता है चल भाई स्कूल चल देर हो जाएगी। सागर के कारण मैं भी लेट हो जाती हूं तो स्कूल में डांट खानी पड़ती है।

Wednesday, July 1, 2009

हैप्पी बर्थ डे पापा


आज मेरे पापा राजकुमार ग्वालानी का बर्थ डे है। मैंने तो अपनी मम्मी अनिता ग्वालानी और छोटे भाई सागर राज ग्वालानी के साथ पापा को सुबह- सुबह ही बधाई दे दी है। अगर आप भी मेरे पापा को बधाई देना चाहते हैं तो उनके ब्लाग राजतंत्र
या फिर खेलगढ़ में जाकर बधाई दे सकते हैं। वैसे आप अगर मेरे ब्लाग में भी बधाई देंगे तो बधाई उन तक पहुंचाने का जिम्मा मेरा है।

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