Tuesday, July 21, 2009

सावन के झूले पड़े


1 comment:

रंजन said...

ये किसका ब्लोग है?? दीदी का और छोटू का.. तुम दोनों कहां हो..

मैं सोचा की तुम झुला झुल रहे होगे.. तुरंत आया पर ...:::)

बुश अंकल तो हम बहुत देखते है.. हमें तो तुम्हे देखना होता है.. कल अपनी फोटो लगाना ओके..

प्यार..

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