Saturday, December 19, 2009

कोहरे से घिरी राजधानी











सुबह को 6.30 बजे पापा उठे तो उन्होंने बताया कि भारी कोहरा छाया है। ऐसे में मैं और सोनू भी उठ गए और छत पर चले गए। तब तक पापा कैमरा लेकर आ गए और फोटो खींचने लगे। पापा ये फोटो अपने ब्लाग राजतंत्र में डालने वाले थे, पर मैंने कहा कि पापा इसे मेरे ब्लाग में डाल दो वे मान गए। आप भी करे कोहरे का नजारा और बताएं की कैसे हैं फोटो ।

6 comments:

अजय कुमार झा said...

वाह तस्वीरें खूब आई हैं ...भई कोहरा देख के तो हमें गांव की याद हो आई ..

Udan Tashtari said...

इत्ता कोहरा..हद है!!

रंजन said...

इतना कोहरा.. और सोनू बाबा के स्वेटर के बटन खुले है... ध्यान रखो बच्च्चु...

SAMWAAD.COM said...

बचके रहना, ठंढ बढ रही है।

जिसपर हमको है नाज़, उसका जन्मदिवस है आज।
कोमा में पडी़ बलात्कार पीडिता को चाहिए मृत्यु का अधिकार।

राज भाटिय़ा said...

अरे बहुत घना कोहरा है, चिरे बहुत प्यारे लगे

संगीता पुरी said...

रायपुर भी मौसम से प्रभावित था .. इतना अधिक !!

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