Monday, December 7, 2009

ललित शर्मा अंकल से मिले हम



ब्लाग बिरादरी में आने के बाद पहली बार हमें किसी ब्लागर अंकल से मिलने का मौका मिला। पापा (राजकुमार ग्वालानी) से मिलने जब कल हमारे घर ललित शर्मा अंकल आएं तो उनसे मैं और मेरे भाई सोनू ने मुलाकात की। पापा और अंकल कल भिलाई की ब्लागर बैठक में गए थे। इसकी खबर मैंने कल अपने ब्लाग में दी थी। वहां क्या हुआ यह पापा ने अपने ब्लाग राजतंत्र में लिखा है। पापा ने हमें बताया है कि भिलाई में भी इस बात पर चर्चा हुई है हम छोटे ब्लागर बच्चों का भी एक ब्लागर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। ऐसी ही बात अनिल पुसदकर अंकल ने भी कही है कि बेटा जरूर आप लोगों का भी सम्मेलन होगा। और भी कई अंकल और आंटी यह बात कह रहे हैं, हमें भी ऐसे किसी सम्मेलन का इंतजार रहेगा। मैं सोचती हूं कि जब बड़ों का सम्मेलन हो तो साथ में हमारा भी सम्मेलन करवा दिया जाए ताकि छोटे-बड़े ब्लागर एक मंच पर हो। आप लोग क्या सोचते हैं जरूर बताएं।

11 comments:

राजीव तनेजा said...

बहुत बढिया रहेगा ये तो...

रंजन said...

झट से करवा दो.. वैसे अंकल की मूछों मे बारे में क्या ख्याल है..


प्यार

खुशदीप सहगल said...

बड़े बहादुर बच्चे हो जी, ललित अंकल की मूंछों से भी डर नहीं लगता...

अनिल अंकल से हम भी आपका सम्मेलन कराने के लिए कहेंगे...

जय हिंद...

Anil Pusadkar said...

अब तो करवाना ही पड़ेगा बच्चों का सम्मेलन।

निर्मला कपिला said...

बहुत बहुत बधाई

Vivek Rastogi said...

जल्दी से करवाईये बच्चों का ब्लॉगर सम्मेलन ।

Kusum Thakur said...

बहुत अच्छा विचार है , शुभकामनाएं !!

रचना said...

हो सकता हैं बेटा आप को मेरी बात बुरी लगे कोई बात नहीं पर सही बात कहना भी जरुरी हैं । आप की जिंदगी का ये समय बहुमूल्य हैं और आप की इस समय के हर पल को शिक्षा के प्रति समर्पित कर देना चाहिये । ब्लोगिंग , ब्लॉगर सम्मेलन इत्यादि बातो के लिये जिंदगी मे बहुत समय मिलेगा और सही समय पर किया हुआ काम सही होता हैं ।
आप कहेगी की ये मेरी होबी हैं तो मे कहना चाहती हूँ इस समय होबी भी सब शिक्षा से जुड़ी हो तो आप की जिंदगी मे बहुत फायदा हो सकता हैं । २५ साल की उम्र तक आप को पढाई इत्यादि कर के नौकरी करनी चाहिये ताकि आप अपने पैरो पर खड़ी हो सके ।
हाँ अगर आप कंप्यूटर का इस्तमाल करती हैं तो आप एक जीरो नम्बर का चश्मा अवश्य पहने वरना आप की आँखों की रौशनी पर फरक पड़ेगा ।

Udan Tashtari said...

बहुत बहादुर बच्चे हैं..ललित अंकल की मूंछों से डरे नहीं??


बच्चों को ज्ञान विज्ञान ब्लॉगर सम्मेलन जरुर हो. :)

ताऊ रामपुरिया said...

वाह अंकल की मूंछे तो फ़डक रही हैं बच्चों. और तुमसे मिलकर तो अंकल और उनकी मूछे और भी चकाचक होगई.:)

र्रामराम.

HARI SHARMA said...

ललित जी से आपकी मुलाकात हुई और उनकी बडी बडी मूछो से भी.

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