Friday, January 15, 2010

पापा राजतंत्र मैं खोल देता हूं

अपने सोनू बाबा यानी सागर राज ग्वालानी को पापा का ब्लाग राजतंत्र बहुत पसंद है। पापा जब भी घर आते हैं और कम्प्यूटर को चालू करते हैं तो सोनू पहुंच जाता है मॉडम को आन करने के लिए। उसे मालूम है कि मॉडम आन करने से ही नेट काम करता है। इसके बाद सोनू के मुंह से सबसे पहले यही निकलता है कि पापा राजतंत्र मैं खोल दूं। सोनू को मालूम है कि राजतंत्र कहां से खुलता है। सोनू सबसे पहले नेट खोलने के बाद फैवरिटीज में जाता है, वहां से ब्लागवाणी में जाता है और खोल देता है राजतंत्र । वैसे सोनू को राजतंत्र ही नहीं खेलगढ़ और मेरा ब्लाग भी खोलना आता है। यही नहीं सोनू बाबा नेट से गेम भी डाउनलोड कर लेता है। कल ही उसने पापा से पूछा था कि पापा एक गेम डाउनलोड कर लूं। सोनू या फिर मैं भी पापा या फिर मम्मी के इजाजत के बिना नेट से कोई भी गेम या फिर गाना डाउनलोड नहीं करते हैं।

2 comments:

रंजन said...

पापा के "राज" मैं खोल देता हूँ.. :)

नो नो..

नारदमुनि said...

good.narayan narayan

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