Thursday, August 27, 2009

आदी के बर्थ डे पर मेरे कैमरे की नजर







हमारे घर में आए नए किराएदार के दो साल के बेटे आदी का कल जन्म दिन था। मेरे भाई सोनू के इस छोटे से दोस्त के बर्थ डे की पार्टी में फोटो खींचने का जिम्मा मुझे दिया गया था। मेरे पापा जानते हैं कि मैं फोटो बहुत अच्छी खींचती हूं इसलिए पापा ने साफ-साफ कहा था कि कैमरा रानी यानी मेरे ही हाथ में रहना चाहिए। मैंने जो फोटो खींचे उन फोटो में से कुछ पेश हैं यहां पर। जरूर बताएं कि मेरे खींचे फोटो कैसे हैं।

Sunday, August 23, 2009

ये रहा हमारा गणेशा







घर में गणपति रखने के लिए कल दिन भर की तैयारी के बाद मम्मी के साथ मिलकर गणपति के रखने का स्थान सजाया और आज सुबह-सुबह उठकर फूल तोडऩे चली गई। वहां से आने के बाद पापा, सोनू के अलावा अपनी सहेलियों को लेकर बाजार गई और वहां से एक गणपति लेकर आई जिसे घर में बिठाया है। गणपति को बिठाने के बाद पूजा की गई। अब तो रोज सुबह और शाम को गणपति की पूजा करनी है।
मैं रंजन अंकल को बताना चाहती हूं कि हमारी परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं और हमारे पेपर भी अच्छे बने हैं। आप सभी बड़ों के आर्शीवाद से हम लोग पास भी हो जाएंगे। फिलहाल को स्कूल में 24 अगस्त तक छुट्टी है इसके बाद फिर से स्कूल जाना है।

Saturday, August 22, 2009

हमारे घर भी आएंगे गणेशा


कल का दिन गणेश जी का है। पूरे देश में गणपति विराजमान होंगे। हमारे घर में भी गणेशा का आगमन होगा। मैंने और मेरे भाई सोनू ने पापा से कहकर पिछले साल से ही गणेशा को अपने घर पर बुलाया है। इस साल अब गणेशा को रखने के लिए हमने आज तैयारी प्रारंभ कर दी है। हमारे स्कूल की अभी तीन दिनों की छूटी लगी है। ऐसे में मैं और सोनू मम्मी के साथ मिलकर गणेशा को रखने के स्थान की सजावट करने में लग रहे हैं। गणेशा के हमारे यहां विराजमान होते ही मैं सबको बताऊंगी कि हमने कैसा गणेशा रखा है। गणेशा को हमने अपने घर में इसलिए बिठाने का फैसला किया है, ताकि सदा हमारे घर में सुख, शांति रहे। हम सब हमेशा प्यार से रहना चाहते हैं।

Thursday, August 20, 2009

चल भाई पढ़ाई करे परीक्षा है











हमारी त्रैमासिक परीक्षाएं चल रही हैं, और मेरा भाई सोनू है कि पढ़ाई के नाम से इधर-उधर भागते रहता है। जब देखों खेलने का काम करता है। जब कुछ लिख नहीं पाता है तो लगता रोने और कहता है कि रानी दीदी मदद करो।

Monday, August 17, 2009

सोनू को भी मिला आदी





मेरे भाई सोनू के लिए कल का दिन बड़ा अच्छा रहा। उसे एक नया दोस्त आदी यानी आदित्य मिल गया है। दरअसल कल ही हमारे घर में एक नए किराएदार आए हैं। उनका एक दो साल का बेटा आदी है। आते ही वह सोनू का दोस्त बन गया है।

Saturday, August 15, 2009

हमें तो आता है राष्ट्रगान

आज मेरे पापा राजकुमार ग्वालानी ने अपने ब्लाग में राजतंत्र में पूछा है कि क्या आपको राष्ट्रगान आता है। अब इससे पहले की कोई राजतंत्र में बताए हम अपने ब्लाग में ही लिख के बता रहे हैं कि हमें तो आता है राष्ट्रगान
आईये हम सब मिलकर इसे गाएं और तिरंगा फहराएं

जन-गण मन अधिनायक जय हे। भारत भाग्य विधाता।।

पंजाब सिंध गुजरात मराठा। द्राविड़ उत्कल बंगा।।

विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा। उच्छल जलधि तरंगा।।

तव शुभ नामे जागे। तव शुभ आशिष मांगे।।

गाहे तव जय गाथा। जन-गण मंगल दायक जय हे।।

भारत भाग्य विधाता।।

जय हे ! जय हे! जय हे!!!

जय, जय, जय, जय हे।।

Thursday, August 13, 2009

ये अपून के सोनू का स्टाईल है क्या...





अब हमें लगने लगा है कि अपने सोनू को मॉडल बनने का शौक है। जब देखो अलग-अलग स्टाईल में फोटो खींचवाने की जिद करता है। लेकिन एक बात माननी पड़ेगी जहां उसका चेहरा कमाल का फोटो जेनिंग है, वही उसका स्टाईल भी कमाल का है। अब देखिए जनाब को किस स्टाईल से चाय पीने में लगे हैं। क्या आप मार सकते हैं ऐसी स्टाईल? नहीं न तो फिर दीजिए दाद हमारे सोनू की।

Wednesday, August 12, 2009

अब आप ही बताएं सोनू बंदर है या नहीं









हम लोग सोनू को यूं ही बंदर नहीं कहते हैं। उसकी हरकतें बंदरों से कम थोड़ी रहती हैं। अब देखो न कैसे यह दीवाल पर सरपट बंदरों की तरह चढ़ जाता है। अब रंजन, भाटिया, अनिल, पाबला, सैय्यद के साथ सभी जाने-अंजाने अंकलों और कपिला आंटी और सभी आंटियों से मैं पूछती हूं कि क्या सोनू को बंदर कहना गलत है।

Tuesday, August 11, 2009

पीपी-वन वाला सोनू








मेरा भाई सोनू अभी पीपी-टू में है। इसके पहले जब वह पीपी-वन में था, तो हम लोग शिवाजी इंग्लिश स्कूल में पढ़ते थे। लेकिन अब हम लोग लिटिल फ्लावर इंग्लिश स्कूल में पढ़ रहे हैं। जब कभी भी वह मेरे से पहले तैयार हो जाता था तो मस्ती करने लगा था। अपनी इस पुराने स्कूल की पुरानी ड्रैस वाली फोटो देखकर सोनू ने कहा कि दीदी इस फोटो को ब्लाग में डाल दो ना। सोनू अब पापा से कहता है कि मेरा भी ब्लाग बना दो ना पापा।

Friday, August 7, 2009

किचन में भी चलता है मेरा राज



भाई सोनू को जहां देखों बस वहीं पर फोटो खींचवाने की पड़ी रहती है। अब देखों न इस बंदर को मम्मी के किचन में चले गया और कहने लगा कि चलो फोटो खींचो। क्या करते भई उसकी फोटो खींचनी ही पड़ी। अब फोटो तो खींचवा ही ली, बंदर कहने लगा कि ये फोटो ब्लाग में भी डाल दो। अब उसकी बात कैसे काट सकते हैं, तो डाल रहे हैं ब्लाग में इस छोटे से किचन किंग की फोटो।

Sunday, August 2, 2009

चल भाई तु भी बन जा दोस्त



आज फेंडशिप डे है। मैंने कल से ही इसके लिए तैयारी कर ली थी और अपने पापा से पैसे लेकर कल ही बहुत सारे फ्रेंडशिप बेल्ट ले लिए थे। मुझे देखकर मेरे भाई सोनू ने भी ऐसा ही किया। मुझे कई सहेलियों ने बेल्ट पहनाए। सोनू को बहुत कम दोस्तों ने बेल्ट बांधे। ऐसे में उसने मेरे बेल्ट देखकर कहा कि रानी मुझे भी एक बेल्ट बांध दे न मैं भी तेरे को बेल्ट बांध देता हूँ। ऐसे में मैंने कहा चल भाई तू भी बन जा दोस्त और उसको बेल्ट बांधने के साथ उससे भी बेल्ट बंधवा लिया। मैंने और सोनू ने पापा को भी बेल्ट बांध कर अपना दोस्त बना लिया है।

Saturday, August 1, 2009

सोनू के साथ खल्लारी यात्रा




मेरा भाई सोनू और मम्मी-पापा के साथ मम्मी की एक सहेली और उनके बेटे बिट्टू के अलावा मेरी एक सहेली ईशिका के साथ हम लोग खल्लारी गए थे। पहाड़ी के ऊपर मंदिर का रास्ता हम सभी बच्चों से हंसते और दौड़ते -भागते तय किया। सबसे पहले सोनू ही ऊपर पहुंचा।

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